नवरात्र में मां वैष्णो देवी भवन परिसर (Vaishno Devi Temple) और सभी यात्रा मार्ग व कटड़ा में वातावरण पूरी तरह से भक्तिमय बना हुआ है। श्रद्धालु अपनी टोलियों के साथ मां के जयकारे लगाते हुए भवन की ओर रवाना हो रहे हैं। नवरात्र के पहले तीन दिन में करीब सवा लाख से अधिक श्रद्धालु मां वैष्णो देवी की यात्रा कर चुके हैं।
यात्रा के दौरान भीड़भाड़ ना हो, इसको लेकर माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड द्वारा पुख्ता प्रबंध किए गए हैं। सुरक्षा की दृष्टि से वैष्णो देवी यात्रा को 6 सेक्टर में बांटा गया है। इनमें कटडा, बाण गंगा क्षेत्र, आद्कुंवारी मंदिर परिसर, सांझी छत, हिमकोटी क्षेत्र तथा भवन परिसर आदि प्रमुख हैं।
प्रत्येक सेक्टर की जिम्मेदारी श्राइन बोर्ड के डिप्टी सीईओ स्तर के अधिकारी संभाले हुए हैं। हर एक सेक्टर में पुलिस अधिकारी तैनात हैं। इसके अलावा मां वैष्णो देवी भवन परिसर पर चप्पे चप्पे पर पुलिस व सुरक्षा बल के जवान तैनात हैं।
भीड़ के मद्दनेजर भवन पर अनाउंसमेंट की जा रही है कि जो श्रद्धालु मां वैष्णो देवी के दर्शन कर चुके हैं, वह कटडा की ओर प्रस्थान करें। श्रद्धालुओं के लिए खुले हैं सभी यात्रा पंजीकरण केंद्र मां वैष्णो देवी की यात्रा के लिए पंजीकरण के साथ ही आरएफआईडी यात्रा कार्ड प्राप्त करना अनिवार्य है।
इसके बिना यात्रा की अनुमति नहीं है। इसलिए श्राइन बोर्ड ने कटडा में स्थित पंजीकरण केंद्र खोले दिए र्हैं। श्रद्धालु सुबह चार से लेकर रात्रि 10 बजे तक आरएफआईडी यात्रा कार्ड ले सकते हैं।
श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए कटड़ा के मुख्य बस अड्डा, रेलवे स्टेशन परिसर के साथ ही काउंटर नंबर दो अंतरराज्यीय बस अड्डा, निहारिका परिसर, कटड़ा हेलीपैड आदि स्थानों पर यात्रा पंजीकरण केंद्र खोले गए हैं।
वहीं रात्रि में ऑनलाइन यात्रा पर्ची लेकर आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए मां वैष्णो देवी यात्रा के प्रवेश द्वार दर्शन ड्योढ़ी के साथ ही ताराकोट मार्ग के प्रवेश द्वार पर पंजीकरण केंद्र स्थापित किया गया है।
वर्तमान में श्रद्धालुओं को सभी सुविधाएं मिल रही हैं। इनमें घोड़ा, पिट्ठू, पालकी, हेलीकॉप्टर सेवा, बैटरी कार सेवा, भवन तथा भैरव घाटी के मध्य चलने वाली रोप-वे केबल कार सेवा शामिल हैं।
नवरात्र में श्रद्धालु अपनी श्रद्धा अनुसार मां वैष्णो देवी की यात्रा कर रहे हैं। कोई लेट कर तो कोई दंडवत होकर मां के भवन पहुंच रहा है। इसके अलावा पैदल या फिर घोड़ा, पिट्ठू पालकी आदी की सेवा लेकर या फिर हेलीकाप्टर व बैटरी कार सेवा से अपनी मां वैष्णो देवी की यात्रा जारी रखे हुए हैं।
वहीं कटड़ा के मुख्य बस अड्डा पर स्थानीय निवासियों द्वारा स्थापित दुर्गा पंडाल में श्रद्धालु नतमस्तक हो रहे हैं। पंडाल में मां दुर्गा के साथ ही महाकाली, मां सरस्वती के साथ मां वैष्णो देवी की पवित्र पिंडियों की झांकी आदि प्रस्तुत की गई हैं।
पंडाल में सुबह व शाम को होने वाली दिव्य आरती में निवासियों के साथ ही श्रद्धालु शामिल होकर पुण्य काम रहे हैं। दिव्यांग श्रद्धालुओं की यादगार हो रही यात्रा नवरात्र में दिव्यांग श्रद्धालुओं के लिए मां वैष्णो देवी की यात्रा यादगार बनी हुई है।
श्राइन बोर्ड द्वारा कई तरह की निश्शुल्क सुविधाएं उपलब्ध करवाई जा रही हैं। दिव्यांगों को बैटरी कर सेवा निश्शुल्क उपलब्ध करवाई जा रही है और भवन पर दर्शन् के लिए उन्हें विशेष सुविधा है।
इसके अलावा अर्धकुवारी मंदिर परिसर व भवन पर सुबह-शाम होने वाली दिव्य आरती में दिव्यांग श्रद्धालुओं को निश्शुल्क बिठाया जा रहा है। इससे दिव्यांग श्रद्धालु काफी उत्साहित हैं।