• Wed. Sep 23rd, 2026

Exactkhabar

24x7 News

दूषित पेयजल मामले में धामी सरकार का बड़ा एक्शन, 6 इंजीनियर निलंबित

Byadmin

Sep 22, 2026

देहरादून। नैनीताल जिले के ज्योलीकोट क्षेत्र में दूषित पेयजल आपूर्ति के मामले में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सख्त रुख अपनाते हुए छह अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की है। जिला प्रशासन की रिपोर्ट के आधार पर उत्तराखण्ड जल संस्थान और पेयजल निगम के छह वरिष्ठ एवं कनिष्ठ इंजीनियरों को अपने दायित्वों के निर्वहन में लापरवाही बरतने के आरोप में तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।

बताया गया कि ज्योलीकोट क्षेत्र में दूषित पेयजल आपूर्ति की शिकायत सामने आने के बाद मुख्यमंत्री धामी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए शीर्ष अधिकारियों को जांच के निर्देश दिए थे। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि जनस्वास्थ्य से जुड़े मामलों में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जांच के बाद जिला प्रशासन नैनीताल की रिपोर्ट के आधार पर छह अधिकारियों के निलंबन की कार्रवाई की गई।

निलंबित अधिकारियों में जल संस्थान हल्द्वानी के प्रभारी अधीक्षण अभियंता, नैनीताल जल संस्थान के सहायक अभियंता और अपर सहायक अभियंता के साथ ही पेयजल निगम भीमताल के अधिशासी अभियंता, प्रभारी सहायक अभियंता और कनिष्ठ अभियंता शामिल हैं। वहीं, नैनीताल जल संस्थान के अधिशासी अभियंता को भविष्य में कठोर कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।

जनस्वास्थ्य से जुड़े मामले में सख्त संदेश

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता जनता के हितों की रक्षा करना है। उन्होंने कहा कि जनस्वास्थ्य से खिलवाड़ किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने सभी विभागाध्यक्षों और शीर्ष अधिकारियों को जनता से जुड़े मामलों में पूरी जिम्मेदारी और संवेदनशीलता के साथ कार्य करने के निर्देश दिए हैं।

इससे एक दिन पहले भी मुख्यमंत्री के निर्देश पर नीट यूजी 2026 की राज्य केंद्रीयकृत काउंसिलिंग में फर्जी प्रमाणपत्रों के आधार पर प्रवेश लेने के मामले में कार्रवाई की गई थी। अब तक इस प्रकरण में आठ अभ्यर्थियों के प्रमाणपत्र निरस्त किए जा चुके हैं और उनकी प्रवेश प्रक्रिया भी रद्द की गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा

“जनता के स्वास्थ्य से खिलवाड़ किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जा सकता है। हमारी सरकार के लिए जनहित सर्वोपरि है और जो भी अधिकारी या कर्मचारी जनता के हितों की अनदेखी करेगा, उसके खिलाफ एक्शन लिया जाएगा। सभी विभागाध्यक्षों और शीर्ष अधिकारियों को इस संबंध में बार-बार निर्देशित भी किया गया है।”
— पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री, उत्तराखण्ड

By admin

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *