• Thu. Sep 17th, 2026

Exactkhabar

24x7 News

केंद्र के मौखिक आश्वासन पर भरोसा न करें, लिखित गारंटी लें: उमर अब्दुल्ला

Byadmin

Sep 17, 2026

जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री ने कहा- लद्दाख के मुद्दों पर केंद्र से आधिकारिक और लिखित प्रतिबद्धता लेना ज्यादा उचित

श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने लद्दाख के नेतृत्व को केंद्र सरकार की ओर से दिए जाने वाले मौखिक आश्वासनों को लेकर सतर्क रहने की सलाह दी है। उन्होंने कहा कि लद्दाख और करगिल के नेताओं को अपनी मांगों को लेकर केंद्र से लिखित और आधिकारिक आश्वासन लेना चाहिए।

पुलवामा में पत्रकारों से बातचीत के दौरान उमर अब्दुल्ला ने कहा कि जम्मू-कश्मीर और लद्दाख की परिस्थितियां अलग हैं, लेकिन वह लद्दाख के लोगों के हितैषी के तौर पर अपनी बात रख रहे हैं। उन्होंने सुझाव दिया कि किसी भी महत्वपूर्ण आश्वासन को केवल मौखिक रूप से स्वीकार करने के बजाय उसे आधिकारिक दस्तावेज के रूप में हासिल किया जाना चाहिए।

उमर अब्दुल्ला ने जम्मू-कश्मीर को राज्य का दर्जा बहाल किए जाने के मुद्दे का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि विधानसभा चुनाव के बाद राज्य का दर्जा बहाल करने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन करीब दो साल बीतने के बावजूद इस दिशा में ठोस कदम नहीं उठाया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि लद्दाख का नेतृत्व केंद्र से अपनी मांगों को लेकर लिखित प्रतिबद्धता हासिल करने पर जोर दे सकता है। उन्होंने यहां तक कहा कि जरूरत पड़ने पर हलफनामे जैसे औपचारिक दस्तावेज के जरिए भी आश्वासन लिया जा सकता है।

इस दौरान उमर अब्दुल्ला ने पुलवामा में विभिन्न विकास परियोजनाओं का जायजा भी लिया। उन्होंने बताया कि जिले में करीब 100 करोड़ रुपये की परियोजनाओं का उद्घाटन या शिलान्यास किया गया है। इनमें सड़क, स्कूल, अस्पताल, पुल और डेयरी प्रोसेसिंग विलेज से जुड़ी परियोजनाएं शामिल हैं।

एनएचएम कर्मचारियों की हड़ताल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में विरोध प्रदर्शन करना उनका अधिकार है, लेकिन सरकार उनकी मांगों पर बातचीत के लिए तैयार है। उन्होंने कर्मचारियों से हड़ताल समाप्त कर बातचीत के जरिए समाधान तलाशने की अपील की।

By admin

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *