• Mon. Jul 27th, 2026

Exactkhabar

24x7 News

शांतिपूर्ण प्रदर्शन नागरिकों का संवैधानिक अधिकार- सुप्रीम कोर्ट

Byadmin

Jul 27, 2026

नीट विरोध प्रदर्शन पर सुप्रीम कोर्ट सख्त

नई दिल्ली। नीट पेपर लीक और परीक्षा अनियमितताओं के विरोध में हो रहे छात्र प्रदर्शनों के दौरान पुलिस कार्रवाई को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने अहम टिप्पणी की है। अदालत ने कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन करना प्रत्येक नागरिक का संवैधानिक अधिकार है और केवल विरोध प्रदर्शन के आधार पर बल प्रयोग को उचित नहीं ठहराया जा सकता। मामले की विस्तृत सुनवाई मंगलवार को होगी।

मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली सुप्रीम कोर्ट की पीठ ने नीट पेपर लीक और अन्य परीक्षा विवादों को लेकर दायर याचिकाओं की सुनवाई के दौरान कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन नागरिकों का मौलिक अधिकार है। अदालत ने स्पष्ट किया कि किसी प्रदर्शन के दौरान केवल भीड़ जुटने या विरोध होने के कारण पुलिस द्वारा लाठीचार्ज या अत्यधिक बल प्रयोग को सामान्य नहीं माना जा सकता।

सुनवाई के दौरान अदालत के समक्ष प्रदर्शनकारियों के साथ-साथ ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों की सुरक्षा का मुद्दा भी उठा। इस पर कोर्ट ने कहा कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना जरूरी है, लेकिन प्रदर्शनकारी और पुलिसकर्मी दोनों की सुरक्षा समान रूप से महत्वपूर्ण है। किसी भी पक्ष के साथ हिंसा स्वीकार्य नहीं हो सकती।

सुप्रीम कोर्ट ने देशभर में शांतिपूर्ण प्रदर्शनों के लिए एक समान दिशा-निर्देश तैयार करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया। अदालत ने कहा कि प्रदर्शन के लिए उपयुक्त स्थान तय किए जाएं और यदि किसी प्रदर्शन में असामाजिक तत्व शामिल हो जाएं, तो उनके खिलाफ अलग से कार्रवाई की जाए, लेकिन इसका असर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे लोगों पर नहीं पड़ना चाहिए।

मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि लोकतंत्र अधिकारों के साथ जिम्मेदारियों और अनुशासन की भी मांग करता है। उन्होंने सभी पक्षों से निष्पक्ष ढंग से अदालत की सहायता करने की अपील की। वहीं, केंद्र सरकार की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने अदालत को भरोसा दिलाया कि सरकार मामले में निष्पक्ष सहयोग करेगी।

गौरतलब है कि नीट पेपर लीक और परीक्षा अनियमितताओं के विरोध में देश के विभिन्न हिस्सों में छात्र प्रदर्शन कर रहे हैं। दिल्ली में 20 जुलाई को निकाले गए एक विरोध मार्च के दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़प हुई थी। छात्रों का आरोप है कि उन्हें रोकने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज और आंसू गैस का इस्तेमाल किया। इसी घटना को लेकर दायर याचिकाओं पर अब सुप्रीम कोर्ट मंगलवार को विस्तृत सुनवाई करेगा।

By admin

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *