राज्य में 30 अप्रैल से गंगोत्री और यमुनोत्री के कपाट खुलने के साथ चारधाम यात्रा शुरू हो गई थी। जबकि केदारनाथ के दाे मई और बदरीनाथ धाम के कपाट चार मई को खुले थे। उत्तराखंड पर्यटन विकास परिषद ने श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा के लिए 20 मार्च से आनलाइन आधार आधारित पंजीकरण व्यवस्था शुरू की है।
वहीं, 28 अप्रैल से विकासनगर, हरिद्वार और ऋषिकेश में आफलाइन पंजीकरण भी चल रहे हैं। दोनों ही जगहों पर रोजाना भारी संख्या में श्रद्धालु पंजीकरण करा रहे हैं। हालांकि इस साल यात्रा जल्दी शुरू होने के कारण पिछले साल के मुताबिक इस बार अब तक 31 प्रतिशत श्रद्धालुओं की संख्या कम है।
साल 2024 में 10 मई से यात्रा शुरू होने के बाद 15 दिन के भीतर 10,33,621 श्रद्धालुओं ने दर्शन किए थे। हालांकि पर्यटन विभाग का दावा है कि आगामी दिनों स्कूलों की छुट्टियां होने के बाद इस बार श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ेगी।
चारधाम यात्रा के लिए अब तक 28,45,085 श्रद्धालुओं का पंजीकरण हुआ। जिसमें केदारनाथ के लिए 9,58,221, बदरीनाथ के लिए 8,62,393, गंगोत्री के लिए 5,08,034, यमुनोत्री के लिए 4,62,028 और हेमकुंड साहिब के लिए 54,409 श्रद्धालु पंजीकृत हुए।
चारधाम यात्रा के लिए आनलाइन पंजीकरण वेबसाइट registrationandtouristcare.uk.gov.in और मोबाइल एप toursit care uttarakhand के माध्यम से कर सकते हैं। अधिक जानकारी के लिए विभाग के टोल फ्री नंबर 0135-1364 में कॉल करें।
चारधाम यात्रा में श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा के लिए सभी व्यवस्थाएं चुस्त-दुरुस्त हैं। हेमकुंड साहिब के कपाट खुलने के बाद आगामी तिथियों में श्रद्धालुओं की संख्या में और भी अधिक इजाफा होगा।