• Tue. Sep 29th, 2026

Exactkhabar

24x7 News

एसआईआर विवाद के बीच स्मृति ईरानी का कांग्रेस पर हमला, बोलीं- लोकतंत्र को निशाना न बनाएं

Byadmin

Sep 29, 2026

चुनाव आयोग के बचाव में उतरीं स्मृति ईरानी, कांग्रेस से पूछा- डुप्लीकेट नाम हटाने का विरोध क्यों?

नई दिल्ली। चुनाव आयोग और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर भाजपा और कांग्रेस के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। भाजपा की राष्ट्रीय महासचिव स्मृति ईरानी ने मंगलवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कांग्रेस पर संवैधानिक संस्थाओं को निशाना बनाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है और इसकी विश्व स्तर पर पहचान है। स्मृति ईरानी ने कांग्रेस पर चुनावी हार की समीक्षा करने के बजाय चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाने का आरोप लगाया।

‘प्रधानमंत्री पर हमला करें, लोकतंत्र पर नहीं’

स्मृति ईरानी ने कांग्रेस के पुराने बयानों का जिक्र करते हुए कहा कि वर्ष 2019 में कांग्रेस के तत्कालीन राष्ट्रीय अध्यक्ष ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की छवि खराब करने की बात कही थी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने भी स्पष्ट किया था कि राजनीतिक विरोध के तहत उन पर व्यक्तिगत हमले किए जा सकते हैं, लेकिन इसका इस्तेमाल संवैधानिक संस्थाओं और लोकतंत्र को निशाना बनाने के लिए नहीं होना चाहिए।

भाजपा नेता ने आरोप लगाया कि कांग्रेस का नेतृत्व लगातार संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठाकर लोकतांत्रिक व्यवस्था को कमजोर करने का प्रयास कर रहा है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस चुनाव आयोग को सवालों के घेरे में लाने के लिए अपने कार्यकर्ताओं की गतिविधियों को बढ़ावा दे रही है।

मतदाता सूची में दोहरे और मृत लोगों के नाम पर उठाए सवाल

एसआईआर को लेकर जारी विवाद के बीच स्मृति ईरानी ने मतदाता सूची में दोहरे नाम और मृत व्यक्तियों के नाम दर्ज होने का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कांग्रेस से सवाल किया कि यदि किसी मतदाता का नाम एक से अधिक स्थानों पर दर्ज है या किसी मृत व्यक्ति का नाम सूची में मौजूद है, तो ऐसे नामों को हटाने की प्रक्रिया का विरोध क्यों किया जा रहा है?

उन्होंने कहा कि मतदाता सूची को त्रुटिरहित और अद्यतन बनाए रखना चुनावी प्रक्रिया का आवश्यक हिस्सा है। वहीं, विपक्षी दल एसआईआर की प्रक्रिया और इसके तहत मतदाता सूची से नाम हटाए जाने की आशंकाओं को लेकर लगातार सवाल उठा रहे हैं।

हिमाचल, पंजाब, केरल और कर्नाटक का भी किया जिक्र

स्मृति ईरानी ने उन राज्यों का उदाहरण भी दिया, जहां भाजपा सत्ता में नहीं है। उन्होंने हिमाचल प्रदेश, पंजाब, केरल और कर्नाटक का जिक्र करते हुए कांग्रेस से पूछा कि क्या इन राज्यों में भी चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए जा रहे हैं या वहां आयोग के कामकाज को सही माना जा रहा है।

उन्होंने कांग्रेस के रुख पर सवाल उठाते हुए कहा कि चुनाव आयोग को लेकर पार्टी का दृष्टिकोण सभी राज्यों में एक जैसा होना चाहिए।

चुनाव आयोग के फैसलों पर भी जारी है विवाद

एसआईआर को लेकर राजनीतिक विवाद के बीच चुनाव आयोग के आंतरिक कामकाज को लेकर भी चर्चाएं सामने आई हैं। विभिन्न रिपोर्टों में दो चुनाव आयुक्तों की ओर से कुछ फैसलों पर आपत्ति जताए जाने की बात कही गई थी। हालांकि, चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि आंतरिक बैठकों में अलग-अलग विचार और सुझाव सामने आना सामान्य प्रक्रिया है। आयोग के अनुसार, एसआईआर सहित उसके अंतिम फैसले सर्वसम्मति से लिए गए हैं।

लाहौर अधिवेशन का हवाला देने पर भी कांग्रेस पर निशाना

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान स्मृति ईरानी ने कांग्रेस द्वारा लाहौर अधिवेशन का उल्लेख किए जाने पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कांग्रेस के इतिहास और स्थापना से जुड़े संदर्भों का जिक्र करते हुए एओ ह्यूम की भूमिका पर ध्यान दिलाया। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस की स्थापना के पीछे ब्रिटिश शासन से जुड़ा संदर्भ रहा है।

स्मृति ईरानी ने कहा कि कांग्रेस को इतिहास का हवाला देते समय अपने गठन से जुड़े तथ्यों पर भी विचार करना चाहिए। इस तरह उन्होंने एसआईआर और चुनाव आयोग के मुद्दे के साथ-साथ कांग्रेस के ऐतिहासिक संदर्भों को लेकर भी पार्टी पर निशाना साधा।

By admin

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *